हे दुःख भंजन एक प्रसिद्ध भजन है, जो भगवान श्री हनुमान जी को समर्पित है। इस भजन को श्रद्धा से गाने या सुनने से मन को शांति मिलती है और जीवन के दुःख दूर होते हैं।
हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार ।
पवनसुत विनती बारम्बार ॥
अष्ट सिद्धि, नव निधि के दाता, दुखिओं के तुम भाग्यविधाता ।
सियाराम के काज सवारे, मेरा करो उद्धार ॥
पवनसुत विनती बारम्बार ॥
हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार ।
पवनसुत विनती बारम्बार ॥
अपरम्पार है शक्ति तुम्हारी, तुम पर रीझे अवधबिहारी ।
भक्तिभाव से ध्याऊं तोहे, कर दुखों से पार ॥
पवनसुत विनती बारम्बार ॥
हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार ।
पवनसुत विनती बारम्बार ॥
जपूँ निरंतर नाम तिहरा, अब नहीं छोडूं तेरा द्वारा ।
रामभक्त मोहे शरण मे लीजे, भाव सागर से तार ॥
पवनसुत विनती बारम्बार ।
हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार ।
पवनसुत विनती बारम्बार ॥
अगर आप यह भजन नियमित रूप से सुनते या गाते हैं, तो इस पेज को बुकमार्क जरूर करें।
यदि आपको यह हे दुःख भंजन भजन लिरिक्स पसंद आया हो, तो इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ जरूर शेयर करें। भगवान हनुमान जी की कृपा आप पर बनी रहे।