Ram Mandir Pran Pratishtha: Ayodhya Ram Temple की दूसरी वर्षगांठ पर विशेष आयोजन

अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर प्रतिष्ठा द्वादशी के दिन विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अयोध्या स्थित अन्नपूर्णा मंदिर में विधि-विधान के साथ धर्मध्वजा फहराई। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

धर्मध्वजा फहराने के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि “राम केवल एक नाम नहीं, बल्कि भारत की मर्यादा, संस्कृति और आत्मा हैं। अगर कभी मर्यादा टूटती है, तो वह पराजय का कारण बनती है।” उन्होंने कहा कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ देश के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है और यह आने वाली पीढ़ियों को मर्यादा, कर्तव्य और अनुशासन का संदेश देती है।

राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि अयोध्या आज केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सभ्यतागत चेतना का केंद्र बन चुकी है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़ा यह अवसर पूरे देश के लिए गर्व का विषय है और यह भारत की सांस्कृतिक एकता को मजबूत करता है। रक्षा मंत्री के इस बयान को राम मंदिर की दूसरी वर्षगांठ के सबसे अहम संदेशों में से एक माना जा रहा है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रामभक्तों को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि राम मंदिर से जुड़ा यह पर्व करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है और यह आयोजन भारत की आध्यात्मिक विरासत को और सशक्त करता है। उन्होंने देशवासियों से इस अवसर को श्रद्धा और संयम के साथ मनाने की अपील की।

प्रतिष्ठा द्वादशी के मौके पर अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। इसे देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा, जबकि ट्रैफिक व्यवस्था को भी नियंत्रित किया गया ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

राम मंदिर ट्रस्ट और जिला प्रशासन के अनुसार, प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर आयोजित ये कार्यक्रम अयोध्या के बढ़ते धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाते हैं। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और शांति बनाए रखें।

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