30 दिसंबर को नए साल से ठीक पहले उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। Ayodhya Ram Temple, Kashi Vishwanath Temple और Banke Bihari Temple में दर्शन के लिए सुबह से ही लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई हैं। प्रशासन ने 31 दिसंबर और 1 जनवरी को भीड़ और बढ़ने की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है।
अयोध्या में राम मंदिर दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के चलते सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक भीड़ देखी जा रही है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में बैरिकेडिंग की गई है और वन-वे मूवमेंट लागू किया गया है, ताकि दर्शन व्यवस्था बाधित न हो।
Darshan Advisory – Ayodhya
श्रद्धालुओं को बिना बैग और अनावश्यक सामान के प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। मोबाइल फोन, खाने-पीने की वस्तुएं और बड़े बैग पर रोक है। बुजुर्गों और बच्चों के लिए सहायता डेस्क भी बनाए गए हैं।
वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए देर रात और तड़के सुबह भी लंबी कतारें देखी जा रही हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने शहर में ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
Darshan Advisory – Kashi
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से तय समय में ही दर्शन के लिए आने की अपील की है। भीड़ अधिक होने की स्थिति में प्रवेश अस्थायी रूप से रोका भी जा सकता है।
मथुरा–वृंदावन क्षेत्र में न्यू ईयर को लेकर हर साल की तरह इस बार भी भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। बांके बिहारी मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने पहले ही एडवाइजरी जारी कर 29 दिसंबर से 5 जनवरी तक अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। मंदिर क्षेत्र में वाहनों की एंट्री सीमित कर दी गई है।
Darshan Advisory – Vrindavan
श्रद्धालुओं को दूर निर्धारित पार्किंग में वाहन खड़ा कर पैदल मंदिर तक आना होगा। महिला पुलिस और स्वयंसेवकों की अतिरिक्त तैनाती की गई है।
प्रशासन के अनुसार, न्यू ईयर के दौरान दर्शन का समय भीड़ के अनुसार बदला जा सकता है। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे सुबह जल्दी या देर रात के समय दर्शन की योजना बनाएं और पीक टाइम से बचें।
पुलिस प्रशासन के मुताबिक, अयोध्या, वाराणसी और वृंदावन में कंट्रोल रूम सक्रिय हैं। सभी प्रमुख मंदिरों और मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल को अलर्ट पर रखा गया है।
अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे भी दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।