holi festival 2026

उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में होली के पर्व और चंद्रग्रहण को देखते हुए पूजा-अर्चना के समय में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक परंपराओं का पालन सुनिश्चित करने के लिए विशेष समय-सारिणी जारी की है।

इस बार होली का उत्सव और चंद्रग्रहण एक ही दिन पड़ने के कारण नियमित दर्शन व्यवस्था में परिवर्तन किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ग्रहण काल के दौरान मंदिर के पट शास्त्रीय नियमों के अनुसार बंद रहेंगे और ग्रहण समाप्ति के बाद शुद्धिकरण प्रक्रिया पूरी होने पर ही पुनः दर्शन प्रारंभ होंगे।

भस्म आरती के समय में आंशिक बदलाव

महाकाल मंदिर की विश्वप्रसिद्ध भस्म आरती प्रतिदिन ब्रह्ममुहूर्त में होती है। होली के अवसर पर भस्म आरती परंपरानुसार विशेष रूप से मनाई जाती है, जिसमें भगवान महाकाल को गुलाल अर्पित किया जाता है।

हालांकि, चंद्रग्रहण के कारण इस बार आरती के समय और दर्शन व्यवस्था में हल्का परिवर्तन किया गया है। प्रशासन के अनुसार:

भस्म आरती निर्धारित समय पर होगी, लेकिन ग्रहण काल शुरू होने से पहले सामान्य दर्शन सीमित कर दिए जाएंगे ग्रहण लगते ही मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे

मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जारी किए गए नए समय का पालन करें।

ग्रहण काल में बंद रहेंगे मंदिर के पट

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान मंदिरों में पूजा-अर्चना स्थगित कर दी जाती है। इसी परंपरा का पालन करते हुए महाकाल मंदिर के पट ग्रहण लगने से कुछ समय पहले बंद कर दिए जाएंगे।

ग्रहण समाप्ति के बाद मंदिर में:

  • विशेष शुद्धिकरण किया जाएगा
  • भगवान का पुनः अभिषेक होगा
  • उसके बाद ही श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी जाएगी

प्रशासन ने बताया कि शुद्धिकरण प्रक्रिया में मंदिर परिसर की सफाई, गंगाजल से छिड़काव और विशेष मंत्रोच्चार शामिल होंगे।

होली पर विशेष व्यवस्था

होली के अवसर पर हर वर्ष महाकाल मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार भी हजारों भक्तों के आने की संभावना है। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं।

  • प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग बनाए गए हैं
  •  बैरिकेडिंग की विशेष व्यवस्था की गई है
  • रंग और गुलाल के सीमित उपयोग की अपील की गई है

मंदिर परिसर में केवल परंपरागत तरीके से ही होली मनाने की अनुमति होगी।

दर्शन समय में बदलाव की मुख्य बातें

मंदिर प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार:

  1. प्रातःकालीन पूजा निर्धारित समय पर होगी।
  2. ग्रहण प्रारंभ होने से पहले मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे।
  3. ग्रहण समाप्ति के बाद शुद्धिकरण और विशेष पूजन होगा।
  4. उसके पश्चात ही सामान्य दर्शन पुनः प्रारंभ होंगे।
श्रद्धालुओं से आग्रह किया गया है कि वे सोशल मीडिया या आधिकारिक सूचना स्रोतों से अपडेट प्राप्त करते रहें।

श्रद्धालुओं में उत्साह, पर नियमों का पालन जरूरी

होली और ग्रहण का संयोग धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। कई श्रद्धालु इस दिन महाकाल के दर्शन को अत्यंत शुभ मानते हैं। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और धार्मिक नियमों का पालन सर्वोपरि रहेगा।

मंदिर समिति ने कहा है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।

सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सीसीटीवी निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रखेंगे।

त्योहार और ग्रहण के कारण श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों से अधिक रहने की संभावना है। इसलिए:

  • ऑनलाइन बुकिंग वाले श्रद्धालुओं को समय से पहले पहुंचने की सलाह दी गई है
  • वीआईपी दर्शन व्यवस्था भी सीमित की जा सकती है
  • स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रहेगा

महाकाल मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी बदलाव श्रद्धालुओं की आस्था और परंपराओं को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। होली के रंग और चंद्रग्रहण के विशेष योग के बीच उज्जैन में धार्मिक उत्साह चरम पर है, लेकिन मंदिर में प्रवेश और दर्शन पूरी तरह से संशोधित समय-सारिणी के अनुसार ही होंगे।

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