अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में 25 नवंबर को होने वाला ध्वजारोहण समारोह देशभर में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है। इस दिन मंदिर के मुख्य शिखर पर 22 फीट ऊँचा विशेष भगवा ध्वज फहराया जाएगा, जिसे मंदिर निर्माण के महत्वपूर्ण चरण का प्रतीक माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और विशेष पूजा के साथ ध्वजारोहण में भाग लेंगे। कई लोग इस आयोजन को “Ayodhya Ram Mandir Flag Hoisting 25 November” के नाम से भी खोज रहे हैं, जिससे इस कार्यक्रम का राष्ट्रीय स्तर पर कितना प्रभाव है, यह साफ दिखता है।
अयोध्या प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट के अनुसार 25 नवंबर के कार्यक्रम के लिए सुरक्षा, सजावट और प्रोटोकॉल की तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच चुकी हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डाइवर्जन लागू होगा, जबकि VIP मूवमेंट के लिए विशेष रूट तय किए गए हैं। मंदिर परिसर में वैदिक अनुष्ठान, पुष्प-सज्जा और मंच की व्यवस्था लगातार जारी है। आयोजन के दौरान व्यवस्था सुचारू रखने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है, जिससे कार्यक्रम बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।
पूरे आयोजन के लिए अयोध्या में बड़े स्तर की गतिविधियाँ तेज हैं। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, शहर में ड्रोन और सीसीटीवी सर्विलांस सक्रिय है। समारोह के दिन मंदिर आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा ताकि सुरक्षा और प्रोटोकॉल में कोई व्यवधान न आए। आयोजन का लाइव प्रसारण किया जाएगा, जिससे लोग देश के किसी भी हिस्से से इस ऐतिहासिक क्षण को देख सकें। यह कार्यक्रम वर्तमान समय में “Ayodhya Ram Mandir Flag Hoisting News” के नाम से भी तेजी से ट्रेंड कर रहा है।
ध्वजारोहण के लिए देश-विदेश के कई प्रमुख मेहमान भी आने वाले हैं। अयोध्या एयरपोर्ट पर 60 से 80 चार्टर प्लेन उतरने की उम्मीद है। मंदिर परिसर में सभी तैयारियाँ लगभग पूरी हो चुकी हैं और पूरे शहर में त्योहार जैसा वातावरण महसूस किया जा रहा है। राम मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि यह आयोजन मंदिर की वर्षों की आध्यात्मिक यात्रा का एक ऐतिहासिक पड़ाव है, जिसकी प्रतीक्षा पूरे देश को थी।